गुड्वेल / गिलोय / गुडचि कोरोणा के लिये फ़ासि...
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गिलोय के औषधीय गुण :
गिलोय या गुडूची (Guduchi) के गुणों के कारण ही आयुर्वेद में इसका नाम अमृता रखा गया है जिसका मतलब है कि यह औषधि बिल्कुल अमृत समान है।आयुर्वेद के अनुसार
गिलोय की पत्तियां, जड़ें और तना तीनो ही भाग सेहत के लिए बहुत गुणकारी हैं लेकिन बीमारियों
के इलाज में सबसे ज्यादा उपयोग गिलोय के तने या डंठल का ही होता है। गिलोय में बहुत
अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैंसर
रोधी गुण होते हैं। इन्हीं गुणों की वजह से यह बुखार, पीलिया, गठिया, डायबिटीज, कब्ज़,
एसिडिटी, अपच, मूत्र संबंधी रोगों आदि से आराम दिलाती है। बहुत कम औषधियां ऐसी होती
हैं जो वात, पित्त और कफ तीनो को नियंत्रित करती हैं, गिलोय उनमें से एक है। गिलोय
(Giloy in hindi) का मुख्य प्रभाव टॉक्सिन (विषैले हानिकारक पदार्थ) पर
पड़ता है और यह हानिकारक टॉक्सिन से जुड़े रोगों को ठीक करने में असरदार भूमिका निभाती
है। गिलोय इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करती है। yah kovaID 19
yaanaI kaoranaa yah raoga ko [laaja mao BaI bahaot Ahma Bauimaka inaBaata hO।
खुराक और सेवन का तरीका :
gaIlaaoya ik
(4 [Mca) 1 DMzla (lakDI) kao baarIk tukDo kr ko 200 ml panaI mao tba tk ]balanao do jaba tk panaI AaQaa na hao
jaayao । Aap [samao
svaad badlanao ko ilayao svaadnausaar gauD Dala sakto hao । इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दिन में दो बार दो से तीन चम्मच
(15-20ml) गिलोय जूस (kaZa) का सेवन करें।
गिलोय होम डिलिवरि के लिये संपर्क : 7767004762

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